ROBOTIC ERA




रोबोट ‘सोफिया’ बन गई सऊदी अरब की नागरिक(Robot ‘Sofia’ became Saudi Arabian citizen)

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This new race is probably with human “robots” in the form of instruments. Now, take robot ‘Sofia’. Sophia has become the first robot in the world to acquire citizenship of a country. Sophia (HumanAid Artificial Intelligence Robot) made of a few pieces of metal declared itself as Saudi citizenship in a conference of investors gathered in 85 countries in Saudi Arabia.Sophia said, “I am very respected and honored by getting special recognition. This is a historic event for a citizen of a robot in the world. ‘ The citizenship of Sofia was welcomed by the thundery of applause. In the conference as a speaker, this robot took the investors to the world of Artificial Intelligence (AI). Highlights Ai’s FutureSophia picks up from the Hollywood film Blade Runner, to Tesla CEO Elon Musk, an electric car maker. Blade Runner tried to show a negative image of the robot. Alon Musk continues to tell AI a danger for tomorrow.Although it is not clear now that Sophia will have all the rights as a common Saudi citizen or there will be another system for the robot. The European Union, however, has proposed to give such status to ‘Personal Hood’ to the robot.Want to live with the common people?Robinson Sofia, a Hanson Robotics-ready winner, wants to win the trust of humans. He has pulled out the template for his future. Sophia says she wants to live and work with the common people. Man wants to understand and express emotions like him.The question of self awareness has been avoided in Robot by Sophia. Said, ‘Do not worry. If you are good with me then I am also good with you. Treat me as a smart input-output system. ‘ In fact, Robot Sophia is designed to be among humans. This robot is able to talk like a human with a face-to-face expression.
यंत्र रूपी मानव ‘रोबोट’ की इंसानों के साथ शायद यह नई दौड़ है।अब रोबोट ‘सोफिया’ को ही लें। सोफिया किसी देश की नागरिकता प्राप्त करने वाली दुनिया की पहली रोबोट बन गई है। धातु के चंद टुकड़ों से बनी सोफिया(ह्‌यूमनॉएड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रोबोट) ने सऊदी अरब में 85 देशों से जुटे निवेशकों के सम्मेलन में खुद ही अपने को सऊदी नागरिकता मिलने की घोषणा की।
सोफिया ने कहा, ‘मैं विशेष पहचान पाकर काफी सम्मानित और गौरवान्वित हूं। दुनिया में किसी रोबोट को नागरिकता मिलने की यह ऐतिहासिक घटना है।’ सोफिया की नागरिकता का तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत हुआ। सम्मेलन में वक्ता के रूप में मौजदू यह रोबोट निवेशकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(एआइ) की दुनिया में ले गई। एआइ के भविष्य पर प्रकाश डाला।
सोफिया ने हॉलीवुड की फिल्म ‘ब्लेड रनर’ से लेकर इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी टेस्ला के सीईओ एलॉन मस्क तक पर चुटकी ली। ब्लेड रनर में रोबोट की नकारात्मक छवि दिखाने की कोशिश हुई थी। वहीं एलॉन मस्क एआइ को आने वाले कल के लिए खतरा बताते रहे हैं।
हालांकि अभी यह साफ नहीं हो सका है कि सोफिया के पास किसी आम सऊदी नागरिक की तरह ही सारे अधिकार होंगे या रोबोट के लिए कोई दूसरी व्यवस्था होगी। वैसे यूरोपियन यूनियन ने भी ऐसे रोबोट को ‘पर्सनहुड’ का दर्जा देने का प्रस्ताव किया है।
आम लोगों के साथ रहने की चाहत-
हैनसन रोबोटिक्स की ओर से तैयार रोबोट सोफिया मानव का भरोसा जीतना चाहती है। उसने अपने भविष्य का खाका खींच रखा है। सोफिया कहती है कि वह आम लोगों के साथ रहना व काम करना चाहती है। मनुष्य को समझना और उनकी तरह भावनाएं प्रकट करना चाहती है।
रोबोट में ‘सेल्फ अवेयरनेस’ यानी स्व जागरुकता के सवाल को सोफिया टाल गई। कहा, ‘चिंता मत करें। अगर आप मेरे साथ अच्छे हैं तो मैं भी आपके साथ अच्छी हूं। मेरे साथ स्मार्ट इनपुट-आउटपुट सिस्टम के रूप में बर्ताव करें।’ दरअसल रोबोट सोफिया इंसानों के बीच उन्हीं की तरह रहने के लिए बनाई गई है। चेहरे पर हाव-भाव के साथ यह रोबोट मानव की तरह बात करने में सक्षम है।

वैज्ञानिकों ने रोबोट को बना दिया नेता, 2020 में लड़ेगा चुनाव(Scientists create robot leader, will fight in election in 2020)
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Scientists have developed the world’s first artificial intelligence politician who can answer questions on local issues such as housing, education, immigration policies. Not only that, the preparations for making him a candidate for the general elections to be held in New Zealand in 2020 are also in full swing. The name of this virtual politician has been named ‘Sam’ and its creator is New Zealand’s 49-year-old entrepreneur Nick Gerritson. He said, ‘It seems that there are many bias in politics at the moment, it seems that the world’s climate changes and climate change Equalities are not able to solve complex issues, ‘Politicians with artificial intelligence constantly learn to give feedback through Facebook Messenger Ha, Geritsn believe that can put human bias effect algorithms, but their idea of ​​bias are not challenged in technology solutions.

वैज्ञानिकों ने दुनिया का पहला कृत्रिम बुद्धि वाला राजनीतिज्ञ विकसित किया है जो आवास, शिक्षा, आव्रजन संबंधी नीतियों जैसे स्थानीय मुद्दों पर पूछे गए सवालों के जवाब दे सकता है. इतना ही नहीं, उसे 2020 में न्यूजीलैंड में होने वाले आम चुनाव में उम्मीदवार बनाने की तैयारियां भी जोरों पर हैं. इस आभासी राजनीतिज्ञ का नाम ‘सैम’ (एसएएम) रखा गया है और इसके रचनाकार न्यूजीलैंड के 49 वर्षीय उद्यमी निक गेरिट्सन हैं.उन्होंने कहा ‘ऐसा लगता है कि फिलहाल राजनीति में कई पूर्वाग्रह हैं, प्रतीत होता है कि दुनिया के देश जलवायु परिवर्तन एवं समानता जैसे जटिल मुद्दों का हल नहीं निकाल पा रहे हैं,’ कृत्रिम बुद्धि वाला राजनीतिज्ञ फेसबुक मेसेन्जर के जरिए लोगों को प्रतिक्रिया देना लगातार सीख रहा है, गेरिट्सन मानते हैं कि एल्गोरिदम में मानवीय पूर्वाग्रह असर डाल सकते हैं, लेकिन उनके विचार से पूर्वाग्रह प्रौद्योगिकी संबंधी समाधानों में चुनौती नहीं हैं.

जापान में ‘ROBOT’ बना नागरिक( ‘ROBOT’ became Citizen in Japan)
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Intelligence shown by machines is called Artificial Intelligence. Shibuya, a famous suburban area for youth interested in fashion in Tokyo, has given this character a special resident certificate. Miri means Japanese language in the future.
Tokyo Saturday, Saturday in Tokyo, Japan, the Artificial Intelligent boy was given the status of a citizen. It’s a virtual character that looks like a seven-year-old boy.
This boy named ‘Shibuya Mirai’ is not physically in the same way, but he can communicate with the people through the messaging app ‘Line’. Even he can also reply to the messages.
With this, Shibuya Mirai has become a robot boy with Japan and the world’s first Artificial Intelligence, whose name has been recorded in the local registry of real life. Earlier Saudi Arabia gave citizenship to Robot Sophia.
Likes to meet people
Shibuya said that the purpose of this project is to make the local government of the province more favorable to the residents and officials listening to their opinion. In a statement with Microsoft developing this character jointly, Shibuya said that she is fond of taking photos and watching the people. She likes to talk to people.

बताते चलें कि मशीनों द्वारा दिखाई जाने वाली बुद्घिमता को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कहा जाता है। टोक्यो में फैशन के प्रति रूचि रखने वाले युवाओं के लिए मशहूर उपनगरीय क्षेत्र शिबुया ने इस पात्र को विशेष निवासी का सर्टिफिकेट दिया हैं। जापानी भाषषा में मिरई का मतलब भविष्य होता है।
टोक्यो। जापान के मध्य टोक्यो में शनिवार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंट’ लड़के को नागरिक का दर्जा दे दिया गया। यह एक वर्चुअल पात्र है, जो किसी सात साल के लड़के की तरह लगता है।
‘शिबुया मिरई’ नामक इस लड़के का वैसे तो शारीरिक तौर पर वजूद नहीं है, लेकिन वह मैसेजिंग ऐप ‘लाइन’ के जरिए लोगों से बातचीत कर सकता है। यहां तक कि वह संदेशों का जवाब भी दे सकता है।
इसके साथ शिबुया मिरई जापान और दुनिया का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाला रोबोट लड़का बन गया है, जिसका नाम असल जिंदगी की स्थानीय रजिस्ट्री में दर्ज किया गया है। इससे पहले सऊदी अरब ने रोबोट सोफिया को नागरिकता दी थी।
इंसानों से मिलना है पसंद
शिबुया ने कहा कि इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य प्रांत की स्थानीय सरकार को निवासियों और अधिकारियों को उनकी राय सुनने के प्रति ज्यादा अनुकूल बनाना है। इस पात्र को संयुक्त रूप से विकसित करने वाले माइक्रोसॉफ्ट के साथ एक बयान में शिबुया ने बताया कि उसे तस्वीरें लेने और लोगों को देखने का शौक है। उसे लोगों से बात करना पसंद है।
इलाज कर सकेंगे नन्हे रोबोट(Small robots will be able to treat)
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Chinese scientists have tried to make a ninety robot as a doctor. Actually there are many parts of the human body where it is very difficult to reach. In such cases, treatment of any disease born in those parts becomes difficult. But now this robot will not only be able to find out what the disease is there by reaching those inaccessible places of the body but also in its treatment. Through these little robots via remote.

चीन के वैज्ञानिकों ने नन्हे रोबोट को डॉक्टर बनाने का प्रयास किया है। दरअसल मानव शरीर के ऐसे बहुत से हिस्से हैं जहां पहुंचना बहुत कठिन है। ऐसे में उन हिस्सों में पैदा हुई किसी बीमारी का उपचार भी मुश्किल हो जाता है। लेकिन अब ये रोबोट न केवल शरीर के उन दुर्गम स्थानों पर पहुंचकर वहां क्या बीमारी है इसका पता लगा सकेंगे बल्कि उसके उपचार में भी मदद कर सकेंगे। इन नन्हे रोबोट्स को रिमोट के जरिए
अब पुजारी नहीं ‘रोबोट’ करेंगे अंतिम संस्कार(Now  ‘robot’ will do funeral)

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Now, not the priest, but the ‘robot’ will make the last rites of human beings. These ‘robots’ will perform all the rituals that happen in Antioch. In Japan, similar robots have been exhibited in the ‘Funeral Industry Fair’ on Wednesday. These robots have been named ‘paper’ ie chillies. It is being said that now in Japan, after all the death of human beings, all the rituals before the burial of the dead body will read these ‘paper’ robotsy robots instead of ‘Buddhist priests’.
These robots will work in the funeral of Buddhism to read the mantras and play the drum. In Robinson’s Life Ending Expo, held in Tokyo, these robots have shown to the people with all the rituals of the funeral with duly customs. Not only this, if the deceased’s relatives are away, they will also be able to see the live streaming of the funeral.

अब पुजारी नहीं, बल्कि ‘रोबोट’ इंसान का अंतिम संस्कार करेंगे. ये ‘रोबोट’ ही अंत्योष्टि में होने वाली सारी रस्मों को निभाएंगे. जापान में बुधवार को ‘फ्यूनरल इंडस्ट्री फेयर’ में ऐसे ही रोबोट्स का प्रदर्शन किया गया है. इन रोबोट्स को ‘पेपर’ यानी मिर्च नाम दिया गया है. कहा जा रहा है कि अब भविष्य में जापान में इंसान की मौत के बाद शव को दफनाने से पहले होने वाली सारी रस्मों को ‘बौद्ध पुजारियों’ की जगह ये ‘पेपर’ रोबोट्सये रोबोट पढ़ेंगे मंत्र और बजाएंगे ड्रम

ये रोबोट बौद्ध धर्म मेें होने वाले फ्यूनरल में मंत्र पढ़ने से लेकर ड्रम बजाने का काम करेंगे. टोक्यो में हुए ‘लाइफ एंडिंग इंडस्ट्री एक्सपो’ में इन रोबोट्स ने लोगों को अंतिम संस्कार की सारी रस्मों को विधिवत रिवाज के साथ करके दिखाया है. इतना ही नहीं, अगर मृतक के परिजन दूर हैं तो वो अंतिम संस्कार की लाइव स्ट्रीमिंग भी देख सकेंगे.

पार्टनर की तरह अकेलापन दूर करेगा ये रोबोट(This robot will remove loneliness like partner)

देखें: पार्टनर की तरह अकेलापन दूर करेगा ये रोबोट, मालिक के सोने पर खुद भी सो जाएगा

Troubled by a decreasing population, two robots are being launched this year for boredom and loneliness in Japan. One of these robots behaving like a partner of loneliness just looks like a toy, which can be taken with you whenever you want and wherever you want. Toyota has made it. Its name is Kirobo Mini.


In its name, Kibo is expected in the Japanese language, whereas the word boo has been taken from the robot. Just four inches tall, this robot behaves like a child. Like a child, its owner can keep it from home-office to car and with it, fun things to do when it comes to mind.

कम होती जा रही आबादी से परेशान जापान में बोरियत और अकेलापन दूर करने वाले के लिए इस साल दो रोबोट लांच होने जा रहे हैं। अकेलेपन के साथी की तरह बर्ताव करने वाले इन रोबोट में से एक बिल्कुल खिलौने की तरह दिखता है, जिसे जब मन चाहे और जहां चाहे अपने साथ ले जाया जा सकेगा। इसे टोयटा ने बनाया है। इसका नाम किरोबो मिनी रखा गया है।

इसके नाम में जापानी भाषा में किबो का मतलब उम्मीद है, जबकि रोबोट से बो शब्द लिया गया है। सिर्फ चार इंच लंबा ये रोबोट किसी बच्चे की तरह से बर्ताव करता है। बच्चे की तरह ही इसका मालिक इसे घर-दफ्तर से लेकर कार तक में अपने साथ रख सकता है और इससे जब मन चाहे मजेदार बातें की जा सकेंगी।

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